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पड़ोसन की चुदाई की रासलीला

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम वसीम है और मेरी इस साईट पर ये पहली कहानी है. Hindi sex story, Kamukta, Hindi sex kahaniya, Antarvasna, Chudai ki kahani Hindi sex stories ये करीब 4 साल पहले की बात है, में सिटी में रहता हूँ और वहाँ सारे घर काफ़ी पास-पास होते है और मेरे पड़ोस में एक लड़की नई-नई रहने आई थी. उस दिन में 12 बजे उठा था और फिर मैंने अपनी नौकरानी को नाश्ता बनाने के लिए बोला और फिर में अपनी बालकनी में खड़ा था और सामने वाले बंद घर में एक औरत और एक लड़की घर की सफाई कर रही थी, तब मैंने उसे ठीक से नहीं देखा था.

फिर उसी दिन मैंने शाम को उसे देखा, वो बहुत खूबसूरत थी. फिर मैंने अपनी नौकरानी से उसके बारे में जानकारी निकालने को कहा तो उसने मुझे उसके बारे में काफ़ी जानकारी लेकर दी कि वो वड़ोदरा से आई है और उसके बाप नहीं है और घर में वो और उसकी माँ सिर्फ़ दो लोग रहते है और अभी तक उनका घर में सामान सेट नहीं हुआ है. फिर मैंने अपनी नौकरानी के हाथों उन्हें खाना भेज दिया और फिर काफ़ी दिन बीत गये, अब में उसे देखता और वो मुझे देखती, लेकिन कोई बात आगे नहीं बढ़ रही थी. फिर एक दिन रात को में अपनी बालकनी में खड़ा था और वो अपनी खिड़की में खड़ी थी. तो मैंने उससे पूछ ही लिया कि इतनी रात हो गयी आप सोई नहीं हो तो उसने कहा कि नहीं नींद नहीं आ रही है, फिर हमारे बीच में काफ़ी सारी बातें हुई.

फिर बाद में धीरे-धीरे दिन निकलते गये और जब उसकी माँ घर में नहीं होती या सोई हुई होती तो हमारी बातें होती रहती. फिर एक दिन मैंने उससे उसका नंबर माँगा तो उसने मुझे अपना नंबर नहीं दिया, लेकिन मैंने अपना नंबर एक कागज पर लिखकर उसे दे दिया. फिर करीब 2 दिन के बाद उसका कॉल आया तो मैंने कॉल रिसीव किया और उसने अपना नाम बताया और कहा कि ये मेरा नंबर है सेव कर लेना और कभी मुझे सामने से कॉल मत करना, वरना मेरी माँ मुझे मार डालेगी. फिर मैंने उसे भरोसा दिलाया और फिर ये सिलसिला चलता रहा. अब उसका मिस कॉल आता और उसके बाद घंटो तक हमारी बातें चलती रहती. फिर वो बातें रोमांटिक और सेक्स के टॉपिक पर चेंज होने लगी थी और में उससे चुदाई के लिए कई बार कहता, लेकिन वो मना कर देती थी, क्योंकि उसे मेरे लंड और उसकी माँ दोनों से डर लगता था. फिर एक दिन उसकी माँ का कोई रिश्तेदार मर गया था, तो वो सुबह 9 बजे वड़ोदरा गयी हुई थी.

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फिर मुझे उसका मिस कॉल आया और बातें करते-करते मेरे दिमाग़ में उसे चोदने का प्लान बना लिया और फिर मैंने उसे कहीं घूमने जाने के लिए राज़ी कर लिया. फिर मैंने तैयार होकर अपनी कार निकाली और उसे कॉल करके अपने एरिया के बाहर बुलाया और उसे वहीं से कार में बैठाकर घुमाने ले गया. फिर हमने मूवी देखी और मूवी के बीच में मैंने उसे किस किया और उसके बूब्स पर अपना हाथ फैरा. फिर मैंने जब उसकी सलवार में हाथ डाला तो उसकी पेंटी पूरी गीली हो चुकी थी और वो काफ़ी गर्म हो गयी थी. अब में समझ गया कि ये अब चुदासी हो गयी है. फिर हम मूवी से बाहर आए और कार में मैंने उसे फिर से किस किया और चूत भी मसली. अब वो काफ़ी गर्म हो चुकी थी, अब में उसे एक होटल में ले गया. फिर वहाँ मैंने एक रूम बुक किया और फिर हम दोनों रूम में पहुँचे, अब वो डर के मारे कांप रही थी और सेक्स के मारे तड़प भी रही थी.

फिर मैंने उसे हग किया और उसे किस करना शुरू किया. फिर मैंने उसके सारे कपड़े उतार दिए और अब उसके 34 साईज़ के बूब्स बहुत प्यारे लग रहे थे. फिर मैंने उसे खूब चूसा और उसके बाद मैंने उसे बेड पर लेटाया और फिर अपने सारे कपड़े निकाले. अब वो मेरा 9 इंच का लंड देखकर घबरा गयी थी और काफ़ी डरने लगी थी, लेकिन मैंने उसे अभी कुछ नहीं कहा और में सिर्फ़ उसको किस और बूब्स की चुसाई कर रहा था. अब वो मज़े ले रही थी और फिर मैंने उसे ऊँगली से चोदना शुरू किया. अब वो काफ़ी मज़े ले रही थी और फिर में उसके दोनों पैरो के बीच में बैठ गया और उसके दोनों पैरो को पूरा चौड़ा किया और एक तकिया उसकी गांड के नीचे रख दिया और उसकी चूत पर अपना लंड रगड़ने लगा. अब वो बहुत डर गयी थी और मना करने लगी और रोने लगी थी.

फिर मैंने उसे प्यार से समझाया और उसकी चूत के होंठो को हल्का सा खोलकर अपना लंड वहीं सेट कर दिया. उसके बाद मैंने उसे किस करना शुरू किया और उसके कंधो को पकड़कर एक जोरदार सा झटका मारा, अभी सिर्फ़ मेरे लंड का सुपाड़ा ही अंदर गया था कि वो झटपटाने लगी और उसकी आवाज़ मेरे मुँह में गूंजने लगी. अब उसकी आँखो से आँसू निकलने लगे थे और अब में कुछ ज़्यादा ही गर्म हो गया था. फिर में उसकी परवाह किए बिना जमकर शॉट लगाने लगा.

अब वो काफ़ी झटपटा रही थी और अब में उस कुँवारी चूत को चोदने में इतना गर्म था कि वो कब बेहोश हो गयी मुझे पता ही नहीं चला. फिर जब 20 मिनट के बाद में झड़ने लगा तो मुझे महसूस हुआ कि ये बेहोश हो गयी है. अब में थोड़ा घबरा गया था, लेकिन फिर मैंने उसके चेहरे पर पानी छिड़का तो उसे होश आया और उसके बाद उसे दर्द का एहसास होना शुरू हो गया. फिर में उसके पास बैठा और उसे अपनी गोद में बैठाया. फिर में उसे बाथरूम में ले गया, जहाँ हम फ्रेश हुए और उसके बाद हम जब बाथरूम से बाहर आए तब वो कुछ आराम महसूस कर रही थी. उसके बाद मैंने उसे दोबारा किस करना शुरू किया और इस बार वो भी मेरा साथ देने लगी थी.

अब में काफ़ी मजे कर रहा था और अब में उसके बूब्स को ज़ोर-ज़ोर से दबा रहा था. अब वो दर्द के मारे कराह रही थी, आआहह उूउऊहह उउउईईइ माँ और कह रही थी कि ख़ान ज़रा धीरे दबाओ बहुत दर्द हो रहा है, लेकिन अब में उसकी कहाँ सुनने वाला था. फिर में उसकी चूत में उंगली करने लगा और अब वो दर्द से तड़पने लगी, लेकिन मैंने उसकी एक ना सुनी और उसकी अपनी उंगली से चुदाई करने लगा.

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अब कुछ देर के बाद उसकी आवाज बंद हो गयी और उसकी सिसकियों की आवाज़ आने लगी, आह्ह्ह्ह आआअहह सस्स्स्स्सह और वो अपनी गांड हल्की-हल्की ऊपर उठाने लगी और अब वो काफ़ी पानी छोड़ चुकी थी. अब मैंने दोबारा से अपना लंड उसकी चूत पर रखा और उसे किस करने लगा, इस बार में काफ़ी सावधानी से उसे चोद रहा था, फिर मैंने एक शॉट मारा और रुक गया, अब मेरा आधा लंड उसकी चूत में था.

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अब वो फिर से रोने लगी थी तो अब में रुक गया और उसके बूब्स चूसने के लिए जैसे ही उसके लिप से अपने लिप हटाए तो वो ज़ोर से बोलने लगी कि निकाल लो ख़ान बहुत दर्द हो रहा है, लेकिन मैंने उसकी कोई बात नहीं सुनी और उसके बूब्स चूसने लगा और 10 मिनट के बाद वो खुद अपनी गांड को हिलाने लगी. फिर मैंने उसके लिप लॉक किए और उसके कंधो को पकड़ कर पूरे जोश में शॉट मारा तो मेरा पूरा लंड उसकी चूत में चला गया और मेरे अंडे उसकी चूत की दीवार पर टकराने लगे.

अब 2 या 3 मिनट तक ऐसे ही रहने के बाद मैंने उसके लिप छोड़ दिए और अब उसकी आवाज दोबारा शुरु हो गयी थी, लेकिन थोड़ी देर में ही वो सिसकियां निकालने लगी, अब वो कई बार झड़ गयी थी. अब ये राउंड करीब 45 मिनट तक चलता रहा, फिर हम दोनों एक साथ झड़ गये और फिर हम वहीँ सो गये और जब उठे तब दोपहर के 3 बज चुके थे.

फिर हम दोनों बाथरूम में गये और नहाकर फ्रेश हुये. फिर उसके बाद मैंने उसके लिए जूस मँगवाया. फिर उसने मुझसे कहा कि मुझे तुम्हारा लंड पसंद आया. फिर मैंने कहा कि तुम्हारा ही है, कभी चाहिए हो तो बता देना. उसके बाद मैंने उससे कहा कि एक बार और हो जाए, अब पता नहीं कब चान्स मिलेगा, तो वो मुस्कुरा दी. फिर मैंने उसे डॉगी स्टाइल में होने को कहा तो वो कुतिया बन गई. अब में उसके पीछे गया और पीछे से अपना लंड उसकी चूत में डालने लगा. अब वो भी बहुत मजे करने लगी थी और अब वो भी आगे पीछे होकर मेरा साथ देने लगी थी. अब उसके हिलते हुए बूब्स बहुत मस्त लग रहे थे. फिर मैंने उसे सीधा लेटाकर चोदा और फिर हम दोनों एक साथ झड़ गये. फिर हम लोग उठे और एक दूसरे को साफ किया और जूस पीने के बाद मैंने एक बार और उसे चोदा और उसने इस बार मेरा काफ़ी अच्छा साथ दिया और हमने काफ़ी मज़े किए.

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