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हॉस्पिटल में नर्स जुम्मा की चुदाई

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केसे हो दोस्तों मेरा नाम विनीत है। मे अहमदाबाद मे रहता हु. मैं अब अपनी कहानी सुनाता हूँ. दो महिने पहले मेरी माँ का एक्सीडेंट हो गया था. तो फिर उसे मैने एक प्राइवेट हॉस्पिटल में भर्ती कराया उस वक़्त माँ कोमा मैं थी माँ को काफ़ी चोटे आई थी। इसलिय उनका ऑपरेशन किया गया. फिर उनको आईसीयू मैं शिफ्ट कर दिया गया।

जिस हॉस्पिटल में मैं था वहाँ बहुत सारी नर्स भी काम करती हैं. उनमे से सीनियर नर्स शादीशुदा हैं और ज़्यादातर उनके पति बाहर देश में जॉब करते हैं जिस कारण वो बाहर रहते हे। वैसे तो मैं शरीफ स्वभाव का हूँ पर क्या करूँ जवानी का गर्म खून और उसके उपर आईसीयू में घंटों तक सुंदर नर्सो के बीच घिरे रहने पर तो लंड कितनि बार खड़ा हो ही जाता है. वैसे मेरे शक्ल से किसी को अंदाज़ा भी नहीं लगता होगा की मेरा लंड खड़ा हो गया है। वैसे मेरे लंड का स्वभाव भी बड़ा विचित्र है. मेरा लंड हमेशा से 3 चीज़ों से खड़ा होता है: पहला तो चुचियो का बड़ा होना, दूसरा सेक्सी सेंन्ट की गंध और तीसरा मोटी मोती गांड . यह तीन चीज़ दोस्तों यदि किसी एक सुंदरी में हो तो फिर क्या कहना. फिर तो मेरा दिमाग़ बंद और लंड खड़ा हो जाता है।तो दोस्तों,उस हॉस्पिटल में नर्स वाइट स्कर्ट पहनती हैं. जब भी मरीज का ब्लड टेस्ट लेना हो या मेडिसिन देनी हो तो 4-5नर्स आगे मरीज की तरफ झुक कर काम करती हैं और मैं उनके पीछे खड़ा होकर उन्हे देखता हूँ। उस वक़्त सभी नर्स की पीठ मेरी तरफ होती हैं और झुकने से उनके पेंटी के शेप टाइट स्कर्ट से दिखते हैं. अक्सर मेरा लंड इस नज़ारे से 3-4 इंच की दूरी पर रहता है।दोस्तों, अक्सर ऐसे मौके पर मै मन ही मन उनकी मोटी गांड को सहलाता हूँ और स्कर्ट को उपर उठाकर पेंटी खोलकर दोनो चूतडों को सहला कर लंड उनकी चूत में डाल देता हूँ. पूरा जिस्म यारों गर्म हो जाता है। जी में आता है की जमाने का डर नहीं होता तो कमर को पकड कर पीछे से खड़े खड़े जम कर चुदाई कर देता सबकी बारी बारी से. लेकिन यारों, सारा मामला ख्वाबों तक ही था।लेकिन सब कुछ बदल गया जब जुम्मा नाम की नर्स आईसीयू में आई. उसकी आँखें बिल्कुल नटखटी और शराबी थी. उसका परर्फ्यूम बिल्कुल मदहोश कर देता था. लंबे बाल थे। चूचिया बिल्कुल मोटी थी ओर दोनो चुतड फूली हुई थी और टाइट स्कर्ट से शेप एकदम सेक्सी दिखता था। उसकी आदत थी की कभी सीधी नहीं खड़ी होती थी. हमेशा टेबल पर झुक कर और गांड को टेबल से डोर और पैर को सीधा करके खड़ी होती थी। यह लगभग डॉगी पोज़िशन होता था। हाल ये हो गया था की मेरा लंड सिर्फ़ उसके परर्फ्यूम और पसीने के गंध से खड़ा हो जाता था. और जब भी मेरा लंड खड़ा होता तो मैं बाथरूम मै जाकर गहरी गहरी साँस लेता था।एक दिन दोस्तों, मैने माँ को दवा देने के लिए नर्स को बुलाया तो जुम्मा आ गयी.मैं दीवार से सटकर खड़ा था और दवा देने के लिए जब वो आई तो मेरे सामने खड़ी होकर झुकी। फिर वही लंड से 3 इंच आगे उसकी स्कर्ट में कसमसाती हुई गांड. लंड खड़ा हो गया और मैं गहरी साँस लेने लगा। फिर वो जान बुझ कर तोडा पीछे खिसकी और उसकी गांड बिल्कुल मेरे खड़े लंड को दबाने लगी। पूरे जिस्म में बिजली दोड गयी. पर मैने अपने पर काबू रखा।

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मेरा पूरा लंड धडक रहा था और उसे भी मेरे लंड की धडकन अपनी गांड पर फील हुई होगी करीब 3 मिनिट तक ऐसे रहने के बाद वो वहाँ से हट गयी और बिल्कुल एक शरारती मुस्कान फेक के चली गयी। मैं फिर बाथरूम गया. गहरी साँस ले रहा था. जैसे तैसे अपने को कंट्रोल किया था। रात के 11.00 बजे थे. सारी नर्स अपने अपने मरीज के रूम में थी. मैं अकेला बीच के हॉल में डॉक्टर चेयर पर बैठा था। तभी जुम्मा आकर सामने के टेबल पर झुक कर खड़ी हो गयी और मेरी आँखों में गुरने लगी।मै भी अब बेशर्म होता जा रहा था. उसकी गंध से ऐसा लगता था जैसे हम दोनो जानवर हैं वो भी गरमाये हुए. मै भी उसकी आँखों में घूरने लगा और उसकी गंध का मज़ा लेने लगा। फिर उसने आँखें नीचे कर ली. मैने हिम्मत करी और अपने अंगुली से उसके होठों को सहलाने लगा। उसने झटके से मूँह खोल कर मेरी अंगुली को अंदर ले लिया और चूसने लगी. फिर मै दोनो हाथों से उसके कंधों, और गले को और उसके चेहरे को सहलाया। जुम्मा फिर सामने से हट कर मेरे बगल में आकर खड़ी हो गयी वैसे ही झुक कर. अब हम दोनों टेबल के पीछे थे। वो मेरे सामने खुली किताब को पढ़ने का दिखावा करने लगी। और मैं अपने दाएँ हाथ को उसके पीठ को सहलाने के बाद उसके गांड पर सहलाने लगा।उसके बाद उसकी जांघ सहलाई और स्कर्ट के अंदर से हाथ उपर ले गया. और उसकी पेंटी के उपर से उसके चूतडो को दबाने लगा. दोनो गहरी गहरी साँस फेक रहे थे तभी अचानक एक मरीज को पेशाब की ट्यूब डालने की ज़रूरत आ गयी। मैने झट अपना हाथ पेंटी के अंदर से निकाला और वो तुरंत दूर हट गयी।दोस्तों, उस रात ऐसा लग रहा था की मेरा लंड दर्द से फॅट जाएगा. जुम्मा ने मुझे हेल्प करने हो कहा मैने ओके कहा ओर उसके साथ उसकी हेल्प करने चल दिया उसने मुझे मरीज के लंड को पकडने को कहा मैने उसका लंड पकड लिया फिर उसने सॉफ किया वो शरमा रही थी।

दोस्तों, काम की जगह में एक नर्स का प्राइवेट कमरा होता है जिसमे फोन होता है और अंदर से लॉक करने की फेसिलिटी होती है और मै यह बता दूँ की अक्सर रात में नर्स के पतियों के फोन आते हैं और नर्स उस प्राइवेट रूम को बंद करके काफ़ी गरमा गर्म बातें करती हैं। तो मै माँ को स्पंज करने के बाद नर्स के प्राइवेट रूम में आराम से हाथ धोने लगा. तभी जुम्मा के पति का फोन आ गया और वो बिना मुझे देखे अंदर आकर दरवाजा बंद करके फोन उठा कर बात करने लगी। आदत के मुताबिक़ वो डॉगी स्टाइल में थी. टेबल पर झुकी हुई, कमर 90 डिग्री पर मुड़ी हुई, पैर एक दम सीधे टेबल से डोर और कुर्सी खाली।

दोस्तों मैं बता दू की नर्स कम से कम एक घंटे ज़रूर बात करती हैं अपने पति से और तब तक बाकी नर्स उनको डिस्टर्ब नहीं करती. अब मैं जुम्मा के साथ बंद था उस कमरे में और जुम्मा फोन पर किस कर रही थी और मलयाली में फटे आवाज़ में कुछ बात कर रही थी। मैने खाली कुर्सी उठाई और उसकी गांड के पीछे रख कर उस पर बैठ गया। अब मैं उसकी कमर को पकड कर उसके गांड पर स्कर्ट के उपर से किस किया। उसने सर्प्राइज़ से मेरी तरफ देखा और उसकी आवाज निकली. उसके पति ने कुछ नहीं समझा होगा क्युकि वो लोग फोन सेक्स कर रहे थे।उसने अपनी टाँगें सीधी कर ली और उसकी गांड मेरे चेहरे के सामने आ गयी. मैने अपनी नाक उसके गांड पर सटा कर गंध ली और साथ साथ उसकी दोनो मोटी जांगो को सहलाने लगा। उसे हल्की गुदगुदी होने लगी और वो खिलखिला कर कसमसने लगी। मै उसकी स्कर्ट को उपर कमर पर करके कमर को कस कर पकड लिया और पेंटी पर किस करने लगा और उसके दोनो चूतडों को दाँतों से हल्के हल्के काटने लगा. वो कसमसाते हुए मेरी तरफ देखी और बोली तुम बहुत नॉटी हो. दोस्तों ऐसी बेशर्म पत्नी मैने और नही देखी जो मज़े से पति को उल्लू बना रही थी।

मैने फिर पास मे रखे कैंची से उसकी पेंटी को कमर के पास से काटा और फिर चूत के पास. पेंटी से जबरदस्त गंध आ रही थी उसके पसीने और परर्फ्यूम की। अब उसकी फूली हुई गांड मेरे सामने मक्खन की तरह मुलायम दिख रही थी. दोनो चूतडों को हाथ से हटाने के बाद उसके गांड की घाटी, गांड का छेद और चूत का छेद सॉफ दिख रहा था। वो भी मस्त होकर सिसकारी भर भरकर मलयाली में कुछ बात किये चली जा रही थी।मैने भी उसके दोनो चूतडों के बीच में अपनी नाक घुसा दी. अब मेरा पूरा चेहरा उसकी झांटो के बीच था. मेरी नाक उसकी गांड के छेद पर और मुँह उसकी चूत पर था और मैने दोनो हाथों से उसकी दोनो जाँघो को कस कर पकड रखा था। अब मैं बेतहासा उसके चूत और गांड को चाटने लगा और बीच में उसके चूतडों को दबाता भी रहता था। अब मैं इंसान नहीं एक कुत्ता बन चुका था जो एक गरमाई हुई कुत्तिया की चूत को चाट रहा था और तभी जुम्मा ने फोन पर कहा अब रखती हु. फिर क्या था मैने कुर्सी को पीछे धकेला. उसके पीछे उठ कर खड़ा हुआ और पेन्ट की चैन खोली, लंड को बाहर किया।

उसकी कमर को कस कर पकड लिया और लंड को उसके गीले चूत पर डाल दिया. वो ऊहह आआआआऐययईईईईईईईई करने लगी वो शादीशुदा थी इसलिए मुझे अपने9 इंच लंबे ओर 5 इंच गोलाई वाले लंड को उसकी चूत मैं डालने मैं ज़्यादा मेहनत नही करनी पड़ी फिर मैने हौले हौले उसके दोनो चूतडों को खूब अच्छे से थपथपाया। धीरे धीरे उसकी चूत ढीली हो गयी और लंड आराम से फिसलता हुआ उसकी चूत मे चला गया। वाह क्या गर्म गीला और रेशमी अहसास हो रहा था मेरे लंड को. वाकई मेरा लंड कुंदन हो रहा था।

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मैने पूरी ताक़त से आपना 9 इंच लंबा ओर 5 इंच गोलाई वाला लंड को जुम्मा की चूत की गहराइयों में उतार दिया और उसकी चूत को दबाए हुए अपने कमर को उपर नीचे दाएँ बाएँ गोल गोल हिला हिला कर नाचने लगा. हम दोनो बिल्कुल कामदेव के गुलाम हो गये. उसकी टाँगें ढीली पड़ने लगी तो मैने कमर के नीचे से हाथ लगा कर उसे सहारा दिया और कमर को हिला हिला कर उसकी चुदाई करने लगा। उसके चूत की गर्मी मेरे लंड से होते हुए सारे शरीर में फैल रही थी और हम दोनो की आँखें बंद थी और जुम्मा सिर्फ़ ऊओआ..आहह ही कर पा रही थी. मैं उसके बोब्स की मसाज भी करी और उसकी चूत मेरे लंड पर बिल्कुल टाइट हो कर छिपकने लगी।और फिर उसकी चूत ने पानी छोड़ दिया. लंड भी अब गंगा स्नान कर पवित्र हो चुका था. अब बारी थी चूत के गंगा स्नान की। मैने उसके कमर को पकड कर फिक्स किया और लंड से स्ट्रोक मारने लगा. उसकी आँखें बंद थी और चूत ढीली और बेहद चिकनी। लंड से धार धार स्ट्रोक लग रहे थे और तब 10 मिनिट बाद लंड ने भी पानी छोड़ दिया ओर उसने भी। हम दोनो तृप्त हो चुके थे. मैने उसके चूत से गिरते हुए पानी को पास मे रखे एक बॉटल में रख लिया।

40 मिनिट बीत चुके थे. जुम्मा की मलयाली चूत मेरे लंड की फ्रेंड बन चुकी थी. मैं वहीं चेयर पर बैठ गया. जुम्मा मेरी तरफ फेस करके मेरी जाँघ पर बैठ गयी। मैने अपने सिकुडे हुए लंड को सावधानी से उसकी चूत में डाल दिया और मैं पीछे की तरफ झुक कर बैठ गया। वो मेरे लंड को अपने चूत मे लिए हुए थी, उसकी वन पीस स्कर्ट कमर के उपर थी,उसकी छाती मेरी छाती से सटी हुई थी और उसका चेहरा मेरे चेहरे के सामने था और अब वो धीरे धीरे फिर से फोन से बात कर रही थी. मैने उसको गले लगाया. और अपनी बाहों में कस लिया।फिर उसके दोनो चूतडों के उपर हाथ फेरने लगा और फिर स्कर्ट के अंदर से हाथ को उसकी नंगी पीठ पर रख कर सहलाने लगा। फिर उसकी ब्रा की हुक खोल दी. उसके पूरे कपडे को उतार कर अलग कर दिया और अपने कपडे भी निकाल लिय। फिर से उसे गले लगाया उसकी गले को,कंधे को,पीठ को, दोनो चूतडों को, दोनो जांगो को,खूब सहलाया. साथ ही साथ उसके दोनो कान को जीभ से चाट चाट कर चूसा. उसके गाल को चूमा।

वो बिल्कुल एक छोटे बच्चे की तरह मेरे सीने से चिपकी हुई थी. फिर मैने उसे अपने सीने से अलग किया और उसके दोनो छोटे छोटे निपल्स को चूमा और खूब चूसा और साथ में उसकी दोनो बाँहों को सहलाता रहा। तब तक उसके फोन की बात चित ख़त्म हो चुकी थी और वो मेरे चेहरे को हाथों मे लेकर मेरे होठों को अपने होठों से किस करने लगी। उसने अपनी जीभ मेरे मूँह मे डाल दी और फिर मुझसे चिपक गयी और अपनी जांगो को मेरे कमर को कस लिया. मैं उसके जीभ को चूसने लगा और साथ में उसके नंगी पीठ को सहला कर उसकी गांड को सहलाने लगा. मैने अपने हाथों में बॉतल से उसकी चूत का पानी निकाल कर उसकी गांड पर मलने लगा।

क्या कहूँ दोस्तों, मैं किस कदर मस्त हो रहा था उपर से मैं फ्रेंच किस कर रहा था,छाती पर उसकी चूचियों की गर्मी और नरमी कहर ढा रही थी और नीचे उसके चूत की पानी से उसकी गांड की मालिश हो रही थी।

मैने अपनी अंगुली उसके गांड की छेद पर रख कर हल्के से दबाया तो वो टाइट थी. मैने वही अंगुली को रखे रखे हल्के दवाब से मसाज की तो कुछ देर बाद गांड की छेद ढीली होने लगी। मैने झट से वहीं रखी हुई जेली की ट्यूब उसकी गांड से लगा कर जेली अंदर डाल दी. और फिर उसकी गांड को थपथपाने लगा। फिर वहीं रखे टिश्यू पेपर को अंगुली पर लपेट कर उसकी गांड के अंदर डाल दी और अच्छे से गांड की सफाई कर दी। फिर जब गांड थपथपाने से उसकी गांड ढीली हो गयी तो जेली की एक पूरी ट्यूब की जेली गांड के अंदर डाल दी।

इस दौरान मेरा लंड भी बिल्कुल तन कर चूत के अंदर फडक रहा था. जुम्मा मेरे सीने से चिपकी हुई मेरे कान को काट और चूस रही थी. जुम्मा बोली विनीत आप क्या कर रहे है नीचे। मैं बोला सिस्टर इसको नीचे नहीं कहते. इस को कहते हैं गांड. तो बोली विनीत आप मेरी गांड को क्लीन क्यों किया। मैं फिर उसे रिक्वेस्ट किया की आगे से सेक्स का मतलब होता है चोदना, वेसे ही इसका मतलब होता है चूत, और ब्रेस्ट्स का मतलब होता है चूची।

फिर उसने नटखट चेहरा बना के बोला मुझे सब मालूम है आप मेरी गांड चोदना चाहते है. मैंने पूछा वो कैसे?तो बोली सिंपल, चूत तो आप चोद चुके है. मैं बोला सिस्टर आप बहोत सेक्सी हो इसीलिए आपकी गांड भी चोदना चाहता हूँ. तो बोली,मेरे फ़्रेंड का पति भी उसकी गांड चोदता है पर मेरे पति को यह गंदा लगता है। मैने बोला यह बताओ मेरी जुम्मा को गांड चुदवाने में कैसा लगता है? वो हंस कर बोली वो तो विनीत के चोदने के बाद पता चलेगा। तभी मैने अपनी एक अंगुली जुम्मा के गांड मे डाल दी और अंगुली से उसकी गांड चोदने लगा।

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उसकी गांड मे अंगुली डाल कर मैने अंदर ही अंदर उसकी चूत में खड़े लंड को भी दबाने लगा. वो सिसकारी भरने लगी और ज़ोर से सीने से चिपक गयी. मैने कहा अब बताओ जुम्मा कैसा लग रहा है डबल चुदाई. अच्छा ! बोल कर उसने मेरे गाल पर एक पप्पी दी। मैने बोला जुम्मा जब तुम मेरे लंड को अपने गांड मे लोगी तो और अच्छा लगेगा? मेरे लिए तुम डॉगी पोज़िशन में आ जाओगी? वो बोली ठीक है और फिर टेबल पर डॉगी पोज़िशन मे आ गयी। मैं भी उसके पीछे घुटनो पर टेबल पर उसकी गांड के पीछे आ गया. उसकी पीठ सहलाई. कमर सहलाई और कमर के नीचे से अपनी दो अंगुली उसकी चूत मे डाल कर अंगुली से उसकी चुदाई करनी शुरू कर दी।

विनीत आप का लंड कहाँ है? मैने झट लंड उसके गांड के छेद पर रख कर कहा – जुम्मा अब तुमको मेरा लंड अपने गांड मे लेना है. मूँह खोल कर लंबा साँस लो और धीरे धीरे गांड को पीछे धक्का देकर लंड को अंदर ले लो. ओक विनीत… कह कर उसने धीरे से पूरा लंड अपनी गांड मे ले ली? अब बिल्कुल बेशर्मी से अपने गांड को जैसे चाहो नचाओ – मैने कहा। फिर वो बिल्कुल मस्त होकर आँख बंद कर गांड हिलने लगी और मैं भी लंड को गांड मे डाले हुए धीरे धीरे स्ट्रोक पर स्ट्रोक लगाने लगा। 15मिनिट तक गांड चुदाई चलती रही और वो ऊऊओफफफफफफ्फ़ आआआ.. आहह एससस्स करती हुई सिसकियो के साथ में मैने चूत की अंगुली चुदाई जारी रखी। उसके बाद मैं जुम्मा को तेज तेज चोदने लगा वो मेरे हर धक्के मैं पूरा पूरा लंड अपनी गांड मैं झेल रही थी मैं बोला मैं झड़ने वाला हूँ वो बोली मेरी गांड मैं ही झड़ दो तभी मैं उसकी गांड में झर गया और वो मेरे हाथों में पानी छोड़ दी। उसकी चूत के पानी को हाथ मे लगा कर मैं उसके चेहरे पर लगा दिया और उसकी पेंटी को जुम्मा की यादगार बना कर रख ली. फिर मैं जाकर सो गया. सबेरे उठा तो लंड फिर खड़ा था। उठ कर बाहर गया तो उसके जाने का वक़्त हो गया था और वो डॉक्टर्स रूम के सामने से जा रही थी. मैने उसे झट अंदर खीचा, बेड पर पीठ के बल लिटाया. स्कर्ट उठाया और फट से अपने खड़े लंड को चूत में डाल कर पेलना शुरू कर दिया और 15मिनिट में हम लोग खल्लास हो गये। उसके बाद से कई हफ्तो तक हम लोग एक दूसरे के साथ मस्ती करते रहे. अक्सर वो ड्यूटी वाले दिन पेंटी नहीं पहनती थी और मैं जब मौका मिलता उसके स्कर्ट उठाकर उसकी नंगी गांड को कभी सहला कर छोड़ देता. कभी चूत में अंगुली डाल देता. कभी गांड में वो अंगुली डाल लेती।

कभी टॉयलेट में हम जुम्मा की चूत चोदते तो कभी गांड. कभी जब वो अकेले दवा देती मरीज को तो हम चैन खोल कर लंड को बाहर निकाल लेते और वो स्कर्ट उठा कर चूत मे लंड डाल लेती। बहुत मज़े किये मैने जुम्मा के साथ. कभी वो मेरे घर आ जाती छुट्टी पर और हम लोग खूब चुदाई करते। दोस्तों मुझे आशा हे आप को मेरी कहानी अच्छी लगी होगी. यह मेरे जीवन की सच्ची कहानी है जिसे मेने बहुत मेहनत से लिखकर आपके सामने पेश किया है….. मुझे आपके कमेन्ट का इन्तजार रहेगा।

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