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फिरंगी चीखती भी रही और चुदाती भी रही

कभी कभी आपको कुछ ना चाहते हुए भी काफी कुछ मिल जाता है लेकिन इस से उसकी कीमत कम नहीं हो जाती क्यूंकि उस से जो ख़ुशी मिली है वो ज़रूरी है. ऐसा ही एक दफे मेरे साथ हुआ था जब मैं अपने दोस्तों के साथ पुष्कर गया, हम लोगों का एक बैंड था जिसे पुष्कर के एक फेस्टिवल में परफॉर्म करना था. उन दिनों मैं लाइफ के अजीब स्टेज में था और जम कर गांजा – चरस पीता था. इस फेस्टिवल में ज़्यादातर फिरंग लोग ही आते थे और हमारा बैंड एक फ्यूज़न बैंड था सो हमारा म्यूजिक बहुत पसंद भी किया गया.

परफॉरमेंस देते समय आपको ये याद नहीं रहता की कौन आपको नोटिस कर रहा है, लेकिन सोंग्स के बीच के ब्रेक में मैंने देखा की मुझे एक फिरंग काफी देर से नोटिस कर रही है. उसने स्माइल पास की तो मैं भी मुस्कुरा दिया लेकिन फिर अपनी परफॉरमेंस में खो गया. जब परफॉरमेंस ख़त्म हुई तो हम लोग बैठ कर गांजा पीने लगे बैंड ने सुबह जल्दी ही जयपुर निकलने की सोची क्यूंकि हमारी फ्लाइट के हिसाब से सबको टाइम पर पहुचने की जल्दी थी. सब सो गए लेकिन मुझे नींद नहीं आरही थी तो मैं अपने टेंट से बाहर आ गया और बैठ कर एक और जॉइंट रोल कर के सुलगाया और गिटार बजाना शुरू किया.

मुझे दूर कहीं एक फीमेल परछाई दिखी तो मैं घबरा गया की कहीं इस वीराने में कोई प्रेतात्मा तो नहीं है, लेकिन वो फीमेल परछाई मेरी तरफ बढती चली गई मैंने अपने मोबाइल की रौशनी में देखा तो ये वही इजरायिली लड़की थी. मैंने एक मुस्कान फेंकी तो वो भी मुस्कुराई और मेरे पास आ कर बैठ गई, उसने अपना नाम देलिया बताया और मुस्कुरा दी, चूँकि हम दोनों को ही एक दुसरे की भाषा नहीं आती थी इस लिए हम इंग्लिश में बातें करने लगे. देलिय बीस इक्कीस  बरस की छरहरी लड़की थी और उसने एक कमाल का टॉप पहन रखा था, उस चांदनी रात में वो बड़ी सुन्दर दिख रही थी उसका बदन जैसे किसी बेल की तरह लचीला था और वो खुले बालों में कमाल की लग रही थी.

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उसने मुझसे एक जॉइंट रोल करने को कहा और खुद गिटार बजाने  लगी वो साथ ही कोई इजरायिली गाना भी गुनगुना रही थी जो सुनने में बहुत ही अच्छा लग रहा था. जॉइंट सुलगा कर मैंने उसकी तरफ बढ़ाया तो उसने ख़ुशी ख़ुशी मेरे साथ जॉइंट स्मोक किया और पल भर में ही वो अच्छे मूड में आ गई थी. हम दोनों खुले आसमान के नीचे मिटटी के टीले पर बैठे एक दुसरे को गाने सुना रहे थे, मज़े की बात ये की ना तो उसे हिंदी गीत समझ आ रहे थे और ना ही मुझे इजरायिली लेकिन फिर भी मज़ा बहुत आरहा था.

उसने अपने बैग में से मुझे चरस का एक दाना दिया और जॉइंट बनाने को कहा, मैंने भी बिलकुल एक प्रो की तरह मिनट भर में ही जॉइंट रेडी कर लिया और सुलगाया. अब हम फिर स्मोक कर रहे थे लेकिन अब वो मुझ पर अधलेटी हो कर आसमान को निहार रही थी, मैंने गिटार को एक साइड रख दिया क्यूंकि मैं एक टाइम पर एक ही चीज़ बजा सकता था. उसने अपनी एक टांग मेरी टांगों के बीच फँसा ली और मुझसे टाइट लिपट गई क्यूंकि इतनी गहरी रात में मिटटी के टीलों पर हलकी सी ठण्ड बढ़ जाती है, मैं भी उस से कसकर लिपट गया.

उसकी साँसें मेरी गर्दन को छू रही थी और मेरे लंड का माहौल बना रही थी, मैंने उसके सुन्दर चेहरे को सहलाया तो उसने आँखें खोली मुस्कुराई और फिर से मेरे आगोश में सिमट गई. देलिया के शरीर में से एक अजीब सी खुशबु आ रही थी जो शायद किसी नेचुरल आयल की थी और उस खुशबु से मैं मदहोश हुआ जा रहा था, मैंने उस से पूछा “ये खुशबु किस चीज़ की है” तो उसने मुझे बताया की ये एक तरह का आयल है जो मच्छर भगाने  के लिए लगते हैं, ये सुन कर मैं हंस पड़ा और बोला “आशिक भगाने के लिए क्या करते हैं” तो वो भी हँसी और बोली “आशिक भगाए नहीं जाते, उनकी बाहों में वक़्त बिताया जाता है”.

देलिया मुझसे कसकर लिपटी हुई थी और उसके नन्हे नन्हे बूबिज़ उसकी ड्रेस में से फुदक कर बाहर आना चाहते थे, मैंने अपने होंठ उसकी बंद आँखों पर छुआ कर हलके से किस किया तो वो आँखें खोल कर मुस्कुराई उसने अपने होंठ मेरे होठों के पास लाकर हलके हलके उन्हें मेरे होठों पर रगड़ना शुरू किया. ये खेल बड़ा ही गज़ब का था क्यूंकि उसके नर्म मुलायम होंठ मेरे होठों को सुकून दे रहे थे और उसकी साँसें मेरी साँसों से टकरा रही थी.

मैंने खुद आगे बढ़कर देलिया को स्मूच  किया और कसम से ये अब तक का सबसे कातिल स्मूच था, क्यूंकि ये कम से कम दो मिनट तक चला. देलिया और मैं काफी देर तक एक दुसरे के होंठों को चूमते – चूसते रहे और फिर उसने मेरी जीभ को अपने दाँतों के बीच हलके से दबाया और चूसने लगी. देलिया ने मेरे अन्दर के तूफ़ान को ऐसे जगा दिया था की मेरा रुकना अब नामुमकिन था सो मैंने उसकी ड्रेस में हाथ डाल कर उसके नन्हे नन्हे बूबीज़ को सहलाना शुरू किया और स्मूच को भी जारी रखा.

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देलिया ने धीरे से अपना हाथ मेरे लोअर में डाला और उसे मिला मेरा मोटा लंड जिसे पकड़ कर वो अजीब तरीके से मुस्कुराने लगी तो मैंने पूछा “व्हाट हेपंड” उस ने कहा “नथिंग इट्स ह्यूज” और वो फिर से लंड को मसलते हुए मेरे होंठों को चूसने लग गई. देलिया ने मेरी टी शर्ट में हाथ डाला और मेरे निप्प्ल्स से मेरे छाती के बालों से खेलना शुरू किया मैंने उसका इशारा समझ कर अपना टी शर्ट उतार फेंका वो मेरे निप्प्ल्स को अपनी जीभ से छेड़ रही थी. मेरा पूरा शरीर गनगना उठा क्यूंकि वो अपनी जीभ से मेरी छाती, निप्पल्स नाभि वगेरह को चाटते हुए मेरे लोअर तक पहुँच गई.

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उसने लोअर के ऊपर से ही मेरे लंड को चूमना शुरू किया और मेरे लंड के पूरा खड़े होने की वजह से मेरा लोअर बिलकुल अब मेरे टेंट के जैसे दिखने लगा था. देलिया ने लोअर सरका कर मेरे सात इंच लम्बे और तीन इंच मोटे लंड को अपनी मुट्ठी में भींच लिया. वो उसे देख कर ऐसी खुश हो रही थी जैसे उसे अपना फेवरेट खिलौना मिल गया हो. हलके हलके मेरे लंड को अपने कोमल हाथों से मसाज देने के बाद देलिया  ने मेरे लंड पर भी अपनी जीभ का कमाल दिखाना शुरू किया. वो बिलकुल उसी तरह मेरे लंड पर भी अपनी जीभ फिरा रही थी जैसे उसने मेरे निप्प्ल्स और चेस्ट पर किया था.

मेरा लंड इस तरह तन गया था जैसे आज तो मुद्दत के बाद खेल शुरू होनेवाला है, मेरे लंड की सारी नसें एक दम तन गई थी और वो उस चांदनी रात में किसी छोटे दैत्य जैसा दिख रहा था. जीभ के जलवे के बाद देलिया ने मुझसे पूछा “तुम्हे अच्छा तो लग रहा है न” तो मैंने कहा “तुमने अब तक जो भी किया सब कमाल था” तो वो हँसकर बोली “आगे भी जो होगा कमाल ही होगा” और वो फिर से मेरा लंड चूसने में बिजी हो गई. देलिया ने उस चांदनी रात में मिट्टी के उस टीले पर ही मेरा लंड चूस चूस कर मुझे आलरेडी स्वर्ग में पहुँचा दिया था लेकिन उसका मुँह रुकने का नाम ही नहीं ले रहा था, मेरा लंड उसकी लार में भीगा चुका था और चांदनी रात में चमक रहा था.

देलिया ने मेरे लंड को हिला हिला कर अब जोर जोर से चूसना शुरू किया और मेरा कण्ट्रोल भी छूट रहा था सो मेरे बदन में एक ज़ोर की गनगनाहट के बाद मैं झड गया और मेरा वीर्य दो तीन ज़ोरदार पिचकारियों के रूप में देलिया पर गिर गया. मैं और देलिया थक चुके थे पर मैं उसे अपने टेंट में नहीं ले जा सकता था सो मैं उसे हमारे ट्रैवलर वैन  में ले गया, ड्राईवर को जगाकर मैंने उसे टिप दी और कहा “मेरे टेंट में मेरी जगह पर सो जाओ”.ड्राईवर समझदार था बस उसने मुझे वैन का  ए सी  ना चलाने की हिदायत दी.

ड्राईवर के जाने के बाद मैं और देलिया फिर से गले लग गए, हालाँकि वैन में बिछा ड्राईवर का गद्दा थोड़ा बदबूदार और गंदा था लेकिन देलिया के  जिस्म की खुशबु के आगे वो सब महसूस होना  भी बंद हो गया. अब मैंने जैसे ही देलिया के मासूम  बूबीज़ को  सहलाना शुरू किया उस ने मेरा हाथ झटक दिया और मुझे नीचे लिटा कर मुझ पर सवार हो गई, मुझे लगा की आज तो मेरी खैर नहीं क्यूंकि देलिया ने अपनी ड्रेस उतार दी थी और वो मुझ पर सवारी करने के मूड में थी.

देलिया का जिस्म किसी कली की तरह लग रहा था, उसने मेरी टी शर्ट और लोअर उतारे और पूरे नंगे बदन पर खुद भी नंगी हो कर बैठ गई. वो अपनी कच्ची रोएँदार छूट को मेरे जिस्म पर घिसने लगी, ये एक नर्म और गुदगुदा अहसास था और धीरे धीरे गीला भी होंने लगा था क्यूंकि देलिया की चूत पनियाने लगी थी. वो बिजली की फुर्ती से पलटी और उसने अपना मुंह मेरे पैरों की तरफ कर लिया, अब वो फिर से चूत मेरे पेट और छाती पर घिसती घिसती मेरे मुंह तक पहुंची. देलिया की कच्ची चूत ठीक मेरे मुंह के ऊपर थी जिस में से उसके डिस्चार्ज की भीनी भीनी महक आ रही थी, मैंने उसका इशारा समझा और उसकी चूत पर अपनी जीभ फिराई तो वो सनसना गई.

अब देलिया अपनी गांड मटका मटका कर अपनी छुट मेरे मुंह पर हौले हौले घिस रही थी, मैंने भी अपना मुंह खोल कर जीभ को देलिया की  चूत की ड्यूटी पर लगा दिया. देलिया बड़ी ही कमाल की आवाजें निकाल रही थी और उसकी चूत वो कमाल का भीनी भीनी खुशबु वाला पानी निकाल रही थी जिसे मैं अपनी मेहनती जीभ से लगातार चाट रहा था. देलिया फिर से घूमी और उसने मुझे कहा “पहली बार इंडियन लंड लेने वाली हूँ तो मुझे डिसअपोइन्ट मत करना” मैंने कहा “नहीं करूँगा तुम बस घोड़ा  चलाना शुरू करो”.

देलिया मेरे लंड को सीधा कर के धीरे से उस पर बैठ गई और मेरा लंड उसकी गीली संकरी चूत में धीरे धीरे ऐसे जा रहा था जैसे विडियोज में राकेट अंतरिक्ष में जाता है. लंड मोटा होने के कारण घुसने में तकलीफ तो हुई लेकिन एक बार जब मेरा मोटा लंड पूरी तरह देलिया की गुनगुनी चूत में चला गया तो देलिया की चीख सी निकल गई. वाकई शायद उसने अब तक इतना मोटा लंड नहीं लिया था, और मुझे ख़ुशी हो रही थी की मेरे मोटे दैत्य लंड ने देलिया के लिए इंडियन लंड का एक अच्छा एक्जाम्पल सेट कर दिया था.

देलिया ख़ुशी ख़ुशी मेरे लंड की सवारी कर रही थी, हम वैन में सीटों के बीच वाली जगह पर लेटे थे सो देलिया  ने कुर्सियों के हैंडल पकड़ कर बस अपनी ही मौज में मेरे लंड पर बैठ कर घोड़ा घोड़ा खेल रही थी. मेरा लंड अपनी पूरी ताकत से खडा था और लगातार देलिया की कसी हुई चूत में अन्दर बाहर हो रहा था, देलिया के मुंह से इजरायिली भाषा में जाने क्या क्या निकल रहा था लेकिन मैं इतना तो समझ पा रहा था की वो अच्छे से संतुष्ट हो रही है. दस मिनट तक ऐसे ही घोड़ा चलने के बाद देलिया झड गई लेकिन मेरा लंड तो वहीँ का वहीँ ढीठ बना खड़ा था.

सो मैंने उस से कहा की अब वो नीचे लेटे, उसने वैसा ही किया अब वो नीचे थी और मैं ऊपर. मैंने उसकी टांगों को सीट्स के ऊपर टिका दिया और अपना नन्हा दैत्य उसकी संकरी सी चूत में बेरहमी से पेल दिया जिस से उसकी एक ज़ोरदार कराह निकली. तो मैंने पूछा “देलिया आर यू ओके” उसने जवाब दिया “यस पेर्फेक्ट्ली आल राईट, यू कीप ऑन फकिंग मी”. मैंने देलिया को चोदना जारी रखा वो खुश हो कर अपनी कमर उठा उठा कर चुदने लगी, मैं भी उसे चोदते हुए उसके छोटे छोटे गुलगुले जैसे बूबीज़ मसल रहा था की देलिया एक बार फिर झड गई और मैं अब भी प्यासा था.

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देलिया ने कहा “तुम एक जंगली भालू की तरह मुझे चोद रहे हो, अब और क्या करोगे” मैंने कहा “तुम्हे अब पता चलेगा एक इंडियन लंड का असली ज़ोर”, मैंने उसे सीट पकड़ा कर खड़ा किया और कमर झुकाने को कहा. देलिया एक बार फिर चुदने को ऐसे तैयार हुई जैसे आज तो वो मोटे इंडियन लंड का पूरा मज़ा ले कर ही मानेगी, मैंने उसकी चूत में फिर से अपना लंड पेला और इज बार धक्कों का ज़ोर और तेज़ी बढ़ा दी.

देलिया चीखती भी रही और चुदती भी रही, मुझे अब लग रहा था की मैं झड जाऊँगा लेकिन देलिया के उत्साह को देख कर मन ही मन सोच भी रहा था की कहीं ये बेचारी प्यासी ना रह जाए. बस इसी उधेड़बुन में मैंने उसकी चूत में अपने लंड से झटके देना जारी रखा और आखिर कर के मेरे लंड का भी वक़्त आया और मैं एक प्रचंड झटके के साथ झड गया, मैंने कहा “देलिया मेरी जान मेरा हो गया”. लेकिन देलिया ने कहा “निकालना मत झटके देते रहो”. मेरा लंड कभी भी एक ही बार में ठंडा नहीं पड़ता सो मैंने अपनी बची खुची गर्मी के साथ उसे चोदना जारी रखा और तेज़ धक्कों की वजह से सिर्फ तीस ही सेकंड में देलिया भी झड गई.

मैंने उसे अपनी बाहों में भरा और ले कर सीट्स के बीच लगे उसी ड्राईवर के गद्दे पर लेट गया, देलिया ने मेरे लंड को सहलाते हुए मुझसे बड़ी देर तक बातें की और मैंने भी उसकी चूत और बूबीज़ को सहलाया. सुबह के पांच बजने में अब भी आधा घंटा था सो हमने फिर से एक बार अच्छे से चुदाई की, देलिया ने मेरा मेल आई डी और फ़ोन नंबर लिया और फिर कपडे पहन कर वहां से चली गई. करीब चार महीने बाद देलिया ने ई मेल में अपनी फोटो भेजी जो मैं यहाँ शेयर कर रहा हूँ. मैंने उस चुदाई की परी को एक दफे और चोदना चाहता हूँ लेकिन अब मैं शादी शुदा हूँ और पता नहीं कब उस से मिल पाऊंगा पर अरमान तो है की जब भी मिलूँगा एक बार फिर वैसे ही चोदुंगा.

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