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पापा ने मुझे कही का नहीं छोड़ा

हेलो मेरा नाम रूपा है और मेरी ऐज २१ इयर्स है. मेरी फिगर ३६सी – २८ – ३५ है और मैं अभी अनमैरिड हु. मैं आज आपको अपनी फर्स्ट सेक्स की स्टोरी बताने जा रही हु. मैं एक फ्लैट में रहती हु. जिसमे ४ बेडरूम और १ ड्राइंगरूम है. १ रूम मेरा है और १ मेरे भाई का और १ मदर – फादर का है और एक गेस्ट रूम है. जब मैं ११थ स्टैण्डर्ड में थी, तब से मैं पोर्न मूवी देखती थी और पोर्न मूवी देखते हुए मास्टरबेट भी करती थी. मैं कई बार अपनी चूत में ऊँगली डाल कर झडती थी और कभी गाजर, ककड़ी और मुली या बेलन डाल कर अपनी वासना को शांत करती थी. लेकिन इस से मेरी भूख और भी बढ़ने लग जाती थी. मैं १२थ स्टैण्डर्ड में थी, तब मेरी नानी की तबियत बहुत ख़राब हो गयी और इस वजह से मेरी माँ उनके वहां कुछ दिनों के लिए रहने गयी. मेरा भाई इंजीनियरिंग में पड़ता था. इसलिए वो पुणे हॉस्टल में रहता था और मैं और मेरे पापा घर अकेले रह गये थे. मेरी माँ के जाने के बाद, दूसरी रात मैंने सारा काम ख़तम कर दिया और गाजर – मुली को अपने कमरे में ले गयी.

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और फिर मैंने कंप्यूटर पर पोर्न मूवी लगा दी और अपने सारे कपड़े उतार दिए और रोज की तरह बिस्तर में बैठ गयी और फिर धीरे – धीरे अपने बूब्स दबाने लगी. थोड़ी देर बूब्स दबाने के बाद, मैं ने मुली अपने हाथ में ली और उसको मेरी चूत में डाल दिया और उसको अन्दर बाहर करने लगी. मैं पूरी तरह एक्साइट हो गयी थी. तभी मेरे पापा ने दरवाजा खटखटाया और बोले – रूपा दरवाजा खोल. मैं इतनी घबरा गयी, कि मुझे कुछ पता ही नहीं चला, क्योंकि मैं पूरी नंगी थी. मैंने फटाफट कपड़े पहन ने शुरू किये और जैसे – तैसे कपड़े पहने और दरवाजा खोलने चली गयी. जल्दबाजी में मैं कंप्यूटर पर चल रही पोर्न मूवी बंद करना भूल गयी. मैंने दरवाजा खोला.
पापा – इतनी देर क्यों लगा दी. क्या कर रही थी?
मैं – कुछ नहीं पापा.. पढाई कर रही थी.
पापा – मुझे नींद नहीं आ रही थी. तो सोचा, की तुमसे थोड़ी देर बात ही कर लू.
मैं – लेकिन पापा, मैं थक चुकी हु. बस सोने ही जा रही हु.
(दरवाजे से कंप्यूटर नहीं दिख सकता था).
पापा – थोड़ी देर बेटा, बस ५ मिनट और वो अन्दर आ गये. अन्दर आते ही, मैं और वो दोनों शौक हो गए. क्योंकि कंप्यूटर पर वो पोर्न मूवी चल रही थी. ये है तेरी पढाई?
मैं – वो पापा (मुझ से कुछ बोला नहीं जा रहा था). तभी पापा की नजर बिस्तर पर पड़े गाजर और मुली पर पड़ी.
पापा ने मुली हाथ में ली. वो गीली थी. मैं ब्रा पहनना भूल गयी थी. और ब्रा भी बिस्तर में ही पड़ी थी.
पापा – ये सब क्या है रूपा? अपने कपड़े अच्छी तरह से पहन कर मेरे कमरे में आ जाओ. पापा ने कंप्यूटर में से सीडी निकाल कर अपने साथ ले ली और चले गये. मैंने टॉप निकाला और ब्रा पहन ली. आप को बता दू, उस समय मैंने ब्लैक कलर की ब्रा और पेंटी पहनी हुई थी. उस पर मैंने रेड लोअर और वाइट टॉप पहना हुआ था. मैंने कंप्यूटर बंद किया और पापा के रूम में गयी. पापा ने वो सीडी अपने डीवीडी प्लेयर पर लगा रखी थी. पापा ने मुझे रूम को बंद करने के लिए बोला और मैंने रूम को लॉक कर दिया.
पापा – ये क्या है रूपा? ये तुम्हारी पढाई है? तू ब्लू फिल्मे देखती हु?
मैं – वो पापा बस…
पापा – कब से देख रही हो तुम?
मैं – ११थ स्टैण्डर्ड से.
पापा – ओह माय गॉड. और ये सीडी तुम कहाँ से मिली.
मैं – मेरी सहेलिया लाती है.
पापा – ये देखने में मज़ा आता है?
मैं (शरमाते हुए) – हाँ.
पापा – तुम जानती हो.. ये सब शादी के बाद होता है.
मै – हाँ. लेकिन मेरी सहेली कहती है, लेकिन शादी से पहले ही सब जानना जरुरी होता है.
पापा – अच्छा, तो क्या क्या करती हो देखने के बाद, मुझे भी बताओ. शरमाओ मत.
मैं – मैं अपने हाथो से अपने स्तन दबाती हु और …
पापा – हाँ बोलो – शरमाओ मत..
मैं – पहले नीचे ऊँगली डालती थी और अब गाजर, मुली वो सब डालती हु.
पापा – तुम्हे मज़ा आता है?
मैं – हाँ.
फिर पापा ने मुझे अपने पास बुलाया और अपनी गोद में बैठा लिया.
पापा – रूपा, आज हम दोनों इस मूवी में जो चल रहा है, ऐसा करेंगे. मेरा साथ दोगी?
मैं – लेकिन?
पापा – लेकिन वेकिन कुछ नहीं. मैं तुम्हे एकदम ट्रेन कर दूंगा. मैं जानता हु, कि तेरी सेक्स की भूख बहुत बढ़ चुकी है.
मैं – ठीक है पापा. वैसे मैं किसी से सेक्स तो करना ही चाहती थी.
अब पापा ने मेरे होठो को चूमना शुरू कर दिया और मेरे होठ चूसने लगे. करीब ७ से ८ मिनट तक वो मेरे होठो को चूसते रहे और उस वक्त उनको दोनों हाथ मेरे स्तनों पर थे और दबा रहे थे. मुझे मज़ा आने लगा था. अब पापा ने मेरा टॉप निकाल दिया और अब मैं ब्रा में आ गयी थी. वो मेरी पूरी बॉडी को किस करने लगे थे और धीरे से उन्होंने मेरी ब्रा भी निकाल दी. अब वो मेरे निप्पल को चूस रहे थे. मुझे बहुत मज़ा आ रहा था. पापा का हाथ मेरी गांड पर था. वो मेरी गांड को सहला रहे थे और मेरे निपल को चूस रहे थे. अब पापा ने भी अपनी बनियान उतार दी. लगातार् १ओ मिनट तक वो मेरे निपल को चूसते रहे. मैं उतेजित होने लगी थी. अब पापा ने मेरा लोअर उतार दिया और अब मैं सिर्फ पेंटी में आ गयी. फिर पापा ने मुझे बिस्तर पर लेटा दिया और उन्होंने अपनी लुंगी निकाल दी. मैं शौक हो गयी. पापा ने अन्दर कुछ नहीं पहना था और उनका लंड टाइट हो चूका था. वो काफी ज्यादा लम्बा था.
मै – पापा इसको लंड कहते है ना?
पापा बहुत उतेजित हो चुके थे मुझे नंगा देख कर और बोले – हाँ. इसी से तेरा जनम हुआ है. फिर पापा ने मेरे सारे बदन को चाटना शुरू कर दिया और किस करने लगे. मैं बहुत उतेजित हो गयी. अब मुझ से रहा नहीं जा रहा था. और मैं झड गयी. मेरी पेंटी भी गीली हो चुकी थी. फिर पापा ने मेरी पेंटी उतारी और मेरी चूत के रस को चाटने लगे. और मेरी चूत पर अपनी टंग फेरने लगे. अब मेरी उतेजना बढने लगी और
मैं – पापा, कुछ हो रहा है.
पापा – अच्छा बेटी. अब इसको शांत करते है. आज तक तूने गाजर, मुली, ककड़ी और बेलन और ऊँगली ट्राई की है. आज अपने पापा का लंड अपनी चूत में लेकर देख? मैं – लेकिन पापा. आपका लंड तो बहुत ही ज्यादा लम्बा और मोटा है. मेरी चूत तो बहुत छोटी सी है. फिर पापा ने मेरी दोनों टांगो को अलग किया और अपने लंड को मेरी चूत पर लगा कर रगड़ने लगे. इस वजह से मैं मदहोश होने लगी. तभी अचानक से पापा ने अपना लंड मेरी चूत में डाल दिया और पापा के लंड की केप वाला भाग अन्दर चले गया.
मेरे मुह से चीख निकली अहहाह आआअ ऊऊऊ माँ मर गयी… फिर पापा ने और जोर लगाया.. और उनका आधा लंड अन्दर चले गया. मैं फिर से चिल्लाने लगी हाहाहा अहहाह माया.. ओह्ह्ह्ह माँ मर गयी…और फिर एक और झटके के साथ उन्होंने अपना पूरा लंड मेरी चूत के अन्दर डाल दिया. फिर वो २ मिनट तक वैसे ही रुके रहे. मैंने बेडशीट को पकड़ लिया टाइट. आज तक मैंने मुली, गाजर ही लिए थे और उसमे मुझे दर्द नहीं होता था. लेकिन आज मुझे बहुत दर्द हो रहा था. २ मिनट के बाद, पापा ने लंड को बाहर खीच कर निकाला और तुरंत ही अन्दर डाल दिया. दर्द के मारे मैं चिल्लाई… ऊओहोहोहो होहोहोह माँ.. फिर पापा लगातार अपने लंड को अन्दर – बाहर करने लगे. वो धीरे – धीरे ये कर रहे थे. इस वजह से मुझे थोड़ा – थोड़ा दर्द कम होने लगा. लेकिन उतेजना बड गयी. करीब ५ मिनट तक ऐसा करने के बाद, पापा ने स्पीड बढ़ा दी और वो लोकल ट्रेन से सुपरफ़ास्ट ट्रेन बन गये.. और अहहाह अहः अहहाह अहहाह ऊऊओ ऊओह्होहो ऊफोफोफोफोफो.. करने लगे.. २ मिनट तक की चुदाई के बाद, पापा की पिचकारी छुट गयी और उन्होंने अपना सारा पानी मेरी चूत में डाल दिया. फिर वो मेरे ऊपर ही सो गए. पानी गरम था और मुझे जन्नत का अहसास होने लगा.
करीब २० मिनट के बाद, वो फिर उठे और मुझे अपने लंड को होठो से रगड़ने को कहा. मैं उनके लंड को अपने होठो से रगड़ रही थी, बिलकुल ब्लू मूवी की तरह. थोड़ी देर के बाद, उनका लंड फिर से टाइट हो गया और उन्होंने मुझे कुतिया बनाया और पीछे से मेरी चूत में अपना लंड डाल दिया और अन्दर बाहर करने लगे. इस से मैं फिर से उतेजित हो गयी और वो जोर – जोर से झटके मारने लगे. इस बार करीब २५ मिनट तक वो झटके मारते रहे और फिर उन्होंने अपनी स्पीड तेज कर दी. तभी मैं झड गयी. लेकिन वो तो लगातार झटके मरते रहे. मैंने पापा को कहा – पापा मेरे फेस पर अपना वीर्य निकालना प्लीज.
पापा – ठीक है बेटी. और फिर करीब ३५ मिनट के बाद, जब उनका लंड झड़ने को आया. तो वो मेरे मुह के पास आ गये. जैसे ही वो मेरे मुह पास आये, उनके लंड से एक पिचकारी निकली और मेरे होठ, गाल, नोज, आईज पर सब जगह वीर्य गिर गया. उसके बाद हम एक साथ बिस्तर पर नंगे सो गये. हम फिर सुबह ५ बजे उठे और फिर से पापा ने मुझे चोदा और फिर हम वापस सो गये. दुसरे दिन छुट्टी थी और इसी वजह से हम ९ बजे तक सोते रहे. फिर उठने के बाद, मैं बाथरूम में गयी.
तब भी पापा मेरे साथ चले आये और हमने बाथरूम में भी सेक्स किया और फिर मैंने नंगी ही रह कर चाय बनायीं और नाश्ता भी बनाया और पापा के साथ डाईंगटेबल पर नंगी ही होकर नाश्ता किया और चाय ली. फिर १२ बजे, जब कामवाली के आने का टाइम हुआ, तब मैं नाइटी पहन ली और पापा ने लुंगी और बनियान. हमने अन्दर कुछ भी नहीं पहनना हुआ था. और उसके जाते ही हम फिर से नंगे हो गये और लंड लिया और दोपहर को फिर से २ बार चुदाई की. जब तक माँ वापस नहीं आ गयी. हम दोनों ने रोजाना ऐसे ही चुदाई का मज़ा लिया. मैं पापा के साथ उनके बिस्तर में नंगी ही सोती थी. एक बार मैं पापा के साथ नंगी ही थी बिस्तर में. तभी माँ का फ़ोन आ गया.
माँ – कैसे हो बेटी?
मैं – मैं ठीक हु और यहाँ भी सब ठीक है.
माँ – बेटी, मुझे ज्यादा दिन यहाँ रुकना पड़ेगा. वहां तुम सब संभाल लोगी ना.
मैं – हाँ माँ. मैं देख लुंगी. तुम यहाँ की चिंता मत करो.
ऐसे ही १ महिना बीत गया और हर रात पापा मुझे चोदते बिना कंडोम के. और बिना कंडोम की चुदाई की वजह से मेरा पीरियड मिस हो गया और जब टेस्ट करवाया, तो पता चला, की मैं प्रेग्नेंट हो गयी हु. मैंने फिर एबॉर्शन पिल्स लेना शुरू किया और कुछ दिन के सब ठीक हो गया. फिर पापा ने मुझे कंडोम के साथ चोदना शुरू किया और मुझे मज़ा देना शुरू किया. लेकिन मुझे कंडोम के साथ चुदाई में मज़ा नहीं आता था. इसलिए पापा ने मुझे बिना कंडोम के ही चोदना शुरू किया और मैंने एबॉर्शन पिल लेनी शुरू कर दी, ताकि मैं फिर से प्रेग्नेंट ना हो जाऊ. मेरे बाप ने मुझे पूरा रंडी बना दिया और रोजाना चोदा. जब मेरा भाई घर वापस आया और उसने पापा और मेरा ये वासना का खेल देखा, तो उसने भी मुझे रंडी बना कर मस्ती में पेला.. तो दोस्तों, कैसी लगी.. आपको एक ठरकी लड़की की कहानी, तो अपने बाप और भाई के द्वारा ही रंडी बनायीं गयी.. मुझे जरुर बताना और अगर आपके लंड मेरे ताकत हो.. लम्बा हो और मोटा हो और मेरी चूत की गरमी को शांत करने की ताकत हो, तो मुझे जरुर लिखना… मैं इंतज़ार करुँगी, आप लोगो के कमेंट का…

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